Thermal power plants मुख्य रूप से कोयला, गैस या तेल जैसे ईंधन को जलाकर पानी को भाप में बदलते हैं, जो turbine को घुमाती है और generator के माध्यम से बिजली बनाती है।
जब हम सरल शब्दों में समझे जब बहुत ज्यादा गरम पानी की भाप को टरबाइन की ब्लेड पर फाॅर्स लगाने के लिए भेजते तब रोटेशन बनता है !तो पानी बहुत ज्यादा गरम करने के लिए कोयला का यूज़ होता है जो फोसिल फ्यूल की केटेगरी में आता है जो पृथ्वी की सतह के नीचे से निकाला जाता है कई प्रकार के है पर हम वो जानेगे जो नॉर्मली यूज़ होता है जिसे कोयला कहते है !
Thermal Power Plant में Generator के प्रकार
| Generator का प्रकार | क्षमता | उपयोग |
|---|---|---|
| Synchronous Generator | 100-15 00 MW | बड़े thermal plants में |
| Turbo Generator | 500-1500 MW | High-speed turbines के साथ |
| Steam Turbo Alternator | 100-1300 MW | Medium size plants में |
Working with machine name
वर्किंग से पहले हम ये जानते है कि क्या आपको पता था कि वर्किंग के लिए कितने जमीन की जरुरत होती है?
चलिए जानते है कम से कम 3 से 4 किलोमीटर का डिस्टेंस कवर होता है क्या आपको पता है कि इतने वर्किंग स्पेस
का क्या यूज़ होता है सबसे पहले यहाँ ट्रैन ट्रांसपोर्ट का अरेंजमेंट जो कोयले को डायरेक्ट स्टोरेज यार्ड पर लेकर आती है
ट्रैन , और स्टोरेज यार्ड वह होता है जहाँ कोयले को जमा करते है और जमीन के नीचे बनाते है ताकि वैगन (wagon )
से डायरेक्ट स्टोरेज यार्ड में आसनी गिरा कर जमा कर लेते है वैगन वो होता है जो इंजन से जुड़े होते है जिसमे कोयला भरा होता है !
और स्टोरेज यार्ड में 40 दिन का बैकअप होता है ये हम कल्पना कर सकते है की वह स्पेस कितना विशाल होगा !

* coal handling
कोयले को भट्टी (फर्नेस ) तक ले जाना एक सिंपल प्रोसेस परन्तु उसे डायरेक्ट नहीं भेजा जाता है क्या आपको ये पता था चलिए जानते है !
1 . ) By crane
क्रेन के जरिये बड़ी मात्रा में कोयले को शिफ्ट करते है जिससे काम तेजी के साथ कम समय में हो जाता है !
2 .) conveyor belt
कन्वेयर बेल्ट कोयले को मूव करने के लिए किया जाता है इस पर कोयले को रख कर प्रोसेस मशीनो के पास ले जाते है आप इसे ग्राफ़िक इमेज में सरल तरीके से समझ सकेंगे !

4 .)crusher machine
जब हम क्रशर मशीन की बात करे तो क्या आपको पता था कि हम डायरेक्ट कोयले को भाटी में नहीं डाल सकते है ?
क्योकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तब कोयला अच्छे से नहीं जलेगा (burn ) , इसलिए क्रशर मशीन उसे चूरा कर देता है जिसे हम पल्वराइज़र (pulverizer )भी कहते है
5 .) steam Boiler Machine
इसके नाम से ही समझ आता है की ये स्टीम बनाता है चलिए जानते है इसके अंदर की वर्किंग क्या है ,इसके
अंदर पानी के पाइप जो मेटल के होते इनको इस तरह डिज़ाइन किया जाता जिससे पानी जल्दी भाप में बदल जाए जब इनपे जलते कोयले की ताप लगती तब बहुत प्रेशर भाप आगे बढ़ती है
इस बायलर मशीन में दो तरह की राख निकलती है ,पहले को बॉटम ऐश (Ash ), और दूसरे को फ्लाई ऐश कहते है , बॉटम ऐश जो कि नीचे जमा हो जाती है और फ्लाई ऐश धुए के साथ निकल जाती है फ्लाई ऐश को रोकने के लिए इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रॉसिपेटेर जिसे (ESP ) भी कहते है
क्या आपको यह पता है की बॉटम ऐश का कहा यूज़ होता है ? नॉर्मली इसका यूज़ सीमेंट बनाने में होता है आसपास 10 से 20 % तक होता है !
6 .) Economizer
ऐकोनोमाइज़र ये काफी नजदीक होता है बॉयलर के नीचे की तरफ होता है और ये निचे से पानी को चढ़ाता है नजदीक होने के कारन पानी बहुत गरम हो चूका होता जिससे काफी फ्यूल बचता है और शब्द को समझे इसका मतल बचाने वाला होता है!
7 .) Turbine
जब हम टरबाइन की बात करें तो इसका मतल होता है घूमना जब इस पर स्टीम का प्रेशर पड़ता तो ये घूमने लगती और इस टरबाइन से जनरेटर कनेक्ट रहते है जिससे बिजली बनती है , सबसे पहले ये ये जान लेते है की ये टरबाइन इतना आता हुआ प्रेशर या फ़ोर्स कैसे हैंडल करती है , जहा सबसे पहला प्रेशर पड़ता है उसे हाई प्रेशर टरबाइन कहते है ,इस पर प्रेशर लगते ही थोड़ा धीमा हो जाता है ,फिर दूसरा इंटरमीडिएट प्रेशर टरबाइन अब तीसरा है low प्रेशर टरबाइन होता है !
8 .) cooling tower
अब इस प्रेशर को कंडेशन में ले जाते है जिससे वो दुबारा पानी बन जाए (recycle water ) भी कहते है अब इसे ठंडा करने के लिए कूलिंग टावर का प्रयोग करते है इसमें भाप के ऊपर पानी की बौछारे देते है और नीचे से हवा का फ्लो होता है अब ये भाप पानी में रीसायकल होता है परन्तु पानी 100 % पानी में कन्वर्ट नहीं होता है

9 .) Turbo generator & thermal power generation
कही न कही यह सवाल उठ रहा होगा की टरबाइन के घूमने से जनरेटर बिजली कैसे बनता है ?चलिए जानते है , एक वैज्ञानिक थे जिनका नाम फैराडे था उन्होंने एक एक्सपरिमेंट किया जिसमे मेग्नेट के पास मेटल वायर को घूमने पर मीटर पर कुछ इलेक्ट्रिक फ्लक्चुएशन आ रहा है जिससे इलेक्ट्रिसिटी हमें प्राप्त हुई !
Efficiency
एफिशिएंसी को सरल तरीके से समझते है , जैसे 100 unit एनर्जी बनाने वाला कोयला है तब वह इस सिस्टम में केवल 30 से 40 % प्रतिशत ही यूनिट बनाएगा और बाकि की ऊर्जा गर्मी के रूप में निकल जाती है
Layout of thermal power plant

